सरकार की ट्रांसफर नीति जनता को धोखा देने वाला सिद्धांत: ऊषा सिंह
सन्दीप मिश्रा उत्तर प्रदेश ।
प्रदेश सरकार द्वारा एक साथ आईपीएस अफसरों के तबादलों पर रायबरेली कांग्रेस कमेटी की पदाधिकारी ऊषा सिंह ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी जिले को नहीं संभाल पा रहा था उसका गैर जनपद में स्थानांतरण करने का क्या औचित्य था।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की अफसरशाही के के बीच भ्रष्टाचार की होड मची हुई है। श्रीमती सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री का भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा सिर्फ जनता को गुमराह करने के लिए है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ठोक दो की नीत पर चल रही है और सत्ता दल के विधायक अपने ही सरकार पर पलीता लगाने में लग गए हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों से लहूलुहान उत्तर प्रदेश को ट्रांसफर का मरहम लगाने का सरकार प्रयास कर रही है जबकि वह जनता को यह नही बता पा रही है कि एक जिले में अपराध रोकने में विफल कप्तान दूसरे जिले में जाकर कैसे अपनी नीति को बदल देगा।
उन्होंने साफ कहा कि प्रदेश सरकार मे तो सचिवालय तक भ्रष्टाचार पहुंच चुका है और सचिवालय में जब ठगी का काम चलता हो तो सरकार का रिजल्ट क्या होगा यह जनता को बताने की जरूरत नहीं है।
बताते चलें कि सरकार ने रायबरेली उन्नाव हरदोई सहित तमाम जिलों के कप्तान बदल दिए हैं ।जिस पर ऊषा सिंह ने इसे जनता को धोखा देने वाला कदम बताया है।