"फसलों के बचाव में लगे ब्लेड वाले तार गोवंशीय पशुओं की ले रहे हैं जान"

*लखीमपुर खीरी से दैनिक आदिकाल ब्यूरो युत श्री रंजन* लखीमपुर(खीरी)।


गाय बछड़ो व अन्य छुट्टा जानवर हर साल किसानों को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाते हैं। इनसे बचने के लिए किसान अपने खेतों के चारों ओर कंटीले तार लगवाते हैं। जो छुट्टा जानवरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जरुरी भी है लेकिन इस बीच कुछ किसान ब्लेड वाले तार लगवा रहे हैं, जिसमें फंसकर सैकड़ों पशु घायल हो रहे हैं।


इन तारों से कटकर घायल होने वाले पशुओं से सबसे बड़ी संख्या गायों की है। एक तरफ जहां गौ हत्या प्रतिबंधित है, और इस मुद्दे पर खूब हंगामा भी होता रहता है और इससे संबंधित कई सक्रिय संगठन भी गठित किये गए हैं।


 


लेकिन खेतों में गायों का लहूलुहान होना अभी भी जारी है। जो गंभीरता से सोचने पर मजबूर करता है। प्रदेश में बढ़ते चारे की कमी और पशुओं का दुधारू न होने से पशुपालक ऐसे लाखों पशुओं को छुट्टा छोड़ देते हैं, और इन्हीं पशुओं से फसल को बचाने के लिए खेत के चारों ओर कंटीले तार लगा देते हैं। ये खतरनाक ब्लेड लगे तार आसानी से कोई भी बाजार से खरीद सकता है।


वहीं लोगों का कहना है कि जब गायें दूध देना बंद कर देती हैं तो लोग गायों को छोड़ देते हैं। इस तरह सैकड़ों की संख्या में आवारा गोवंश से फसलों को बचाने के लिए किसानों ने अपने खेतों के चारों ओर धारदार कंटीले तार लगा रखे हैं। गाय जब खेत में चरने के लिए जाती हैं, तो तारों में फंसकर बुरी तरह से कट कर घायल हो जाती हैं।


धीरे-धीरे कटे हुए स्थान पर कीड़े पड़ जाते हैं जिससे इलाज के आभाव में रोजाना कई गोवंश तड़प-तड़प कर मर जाते हैं।


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