मोडिफाइड इंडिया-मोदीमय भारत


चंद्र भूषण पांडेय


cbpandey09@gmail.com


 


 मोडिफाइड इंडिया-मोदीमय भारत


 


नया भारत आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हमारी आपकी आंखों के सामने हो रहा है और खुशी की बात है इसमें प्रत्येक नागरिक अपना योगदान कर रहा है


कोई भी जाति हो कोई भी धर्म हो, कोई भी लिंग हो, कोई भी क्षेत्र हो,गांव हो शहर हो, गरीब,किसान,मजदूरहो,सेठ-साहूकार-व्यापारी-उद्यमी सभी एक श्रेष्ठ भारत को आकार लेते हुए देख रहे हैं और इस राष्ट्रीय यज्ञ में अपनी आहुति दे रहे हैं, यह सच है कि एक सबका भारत खड़ा हो रहा है इस भारत को बनाने में सबका साथ है सभी का हाथ है और सभी का भरोसा है नेतृत्व के साथ, सरकार के साथ सत्ता के साथ, संसद के साथ।


 इस भारत की एक विशेषता है कि यह भारत आम आदमी की आंखों में आजादी के पूर्व से ही चमकते सपने को साकार कर रहा है, सच तो यह है कि पहली बार जनता के सपनों को नेतृत्व की आंखों में तैरते  हुए देखा गया और नतीजा यह निकला आम आदमी के सपनों को साकार करने के लिए सरकार ने नीतियां बनाई, कानून बनाया, योजनाएं बनाई, कार्यक्रम बनाएं और जमीन पर उसे उतारने के लिए दमखम के साथ पूरी मशीनरी को मिशनरी भाव से समर्पित कर दिया।


उसका नतीजा है कि आज हर आदमी के सिर के ऊपर पक्की छत दिखने लगी है, हर खेत में पानी की धार पहुंच रही है, हर घर में टोटी का पानी पहुंचने के लिए पाइप लाइन बिछ रही है, किसान को लागत के डेढ़ गुने दाम  मिल रहा है, पक्की सड़क से हरगांव जुड़ गया है, हर गरीब को 5 लाख की स्वास्थ्य की सुविधा मिल रही है और बड़ी बात यह सब कुछ भेदभाव रहित हो रहा है, जाति धर्म से ऊपर उठकर हो रहा है और एक बात और है गांव और गरीब की बीच की खाई सिमट रही है,अद्भुत क्षण है जिसमें हम अपनी आंखों के सामने देख रहे हैं एक नया भारत आकार ले रहा है। नए भारत की विशेषता यह पारदर्शी भारत है, यह डिजिटल भारत है, यह तकनीकी से संचालित भारत इसमें सरकार की योजनाओं/कार्यक्रमों के लिए यदि 100 पैसा दिल्ली से चलता है तो उसके खाते में 100 पहुंचता  है, इस भारत में सरकारी खजाने पर जनता का नियंत्रण स्थापित हो गया।


राजनीतिक आजादी 1947 में मिली लेकिन आर्थिक आजादी एक सपना था जिस को पूरा करने के लिए तत्कालीन सरकारों ने प्रयास भी किया 1971 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया लेकिन बैंक मुट्ठी भर लोगों की सेवा करते रहे, यह पहली बार हुआ है कि हर महिला, हर पुरुष, हर युवा, हर युग, हर विद्यार्थी व  गांव, गरीब, किसान, मजदूर, वंचित, पीड़ित, परेशान,सीमांत सभी के बैंक में खाते हैं बैंक सब की सेवा कर रही है, आर्थिक आजादी का यह बड़ा कदम आगे चलकर लोक कल्याणकारी योजनाओं के एक-एक पैसे को उन तक पहुंचाने का जरिया बन रहा है और भ्रष्टाचार पर लगाम लग रही है और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में तेजी आ रही, पारदर्शिता पड़ रही है, भरोसा बढ़ रहा है लोकतंत्र मजबूत हो रहा है।


एक साफ-सुथरा भारत खड़ा हो सके, एक स्वस्थ भारत खड़ा हो सके, लोगों को गरिमापूर्ण जीवन जीने की सुविधाएं मिल सके, हर हाथ को काम मिल सके, हमारे युवा सरकारी नौकरियों की लाइन से बाहर निकलकर उद्यमी बन सके और यह सब जमीन पर उतरने लगे, आपकी आंखों के सामने घटित होने लगे मात्र 6 वर्षों में तो अद्भुत लगता है, यह होते हुए देखना, यही वह बात है जो इस भारत को नया भारत बनाती है।


आज के 2000 वर्ष पूर्व के भारत का यदि नक्शा देखें तो कितना विशाल था भारत, धीरे-धीरे यह सिमटता गया,आजादी के बाद देश का बंटवारा हुआ बंटवारे में देश ने अपने को छोटा कर लिया उसके बाद हुए युद्ध में हम अपनी सीमाएं घटाते चले गए। फिर संसद ने भारत भूषण आया जब धारा 370 समाप्त हो गई और इस धरती का स्वर्ग कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा बन गया, जिससे अब आम नागरिकों को भरोसा हुआ है पीओके तथा चीन के कब्जे में सिसक रही मां भारती के भूखंड को शीघ्र ही भारत प्राप्त कर लेगा।


यह नया भारत है क्योंकि यहां राम की विरासत को संरक्षण मिलता है आप याद करिए 1526 कि वह काली रात जब राम लला की जन्मभूमि को जमींदोज करके धर्म विशेष के लोगों ने उस पर कब्जा कर लिया था और लगभग 500 वर्षों से चल रही है लड़ाई अब जाकर समाप्त हुई, 26 मई 2020 का वह सुखद दिन भी आया जब राम लला का भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हुआ अब भरोसा है कि राम राज्य का मूल मंत्र जमीन पर उतरेगा और यह चौपाई चरितार्थ होगी… “दैहिक दैविक भौतिक तापा; राम राज कोई नहीं व्यापा। जगतगुरु भारत दुनिया की जरूरत है, प्लेनेट अर्थ लोक कल्याण के लिए, बराबरी के लिए, मानव मूल्यों की रक्षा के लिए, टिकाऊ विकास के लिए, जड़ चेतन के बीच समन्वय के लिए अनुकूल बन सके इसलिए जरूरी है जगतगुरु भारत का मार्गदर्शन नेतृत्व संरक्षण, जब दुनिया ने एक साथ महर्षि पतंजलि के सूत्र को आत्मसात करते हुए योगा किया तभी यह संकेत मिल गया था और उस दिशा में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं इसी को कहते हैं मोदीमय भारत, मॉडिफाइड इंडिया। आज 30 मई 2020 की तिथि है, आज ही के दिन 1 वर्ष पहले नरेंद्र दामोदरदास मोदी का दूसरा कार्यकाल शुरू हुआ था पिछले 1 सालों में और पिछले 6 सालों में भारत कितना बदला भारत किस रास्ते पर चल पड़ा है और कहां पहुंचा है यह सवाल मन मस्तिष्क में आना स्वाभाविक है, इस सवाल का जवाब भी जनता के मुंह से आज सुनाई पड़ता है आज हर गरीब का बैंक में खाता है और राजकोष में उसका हिस्सा है वह जो टैक्स देता है वह आपदा के समय संकट के समय उसके कल्याण के लिए उसकी बेहतरी के लिए उसके बैंक खाते में वापस आता है जैसे इसको रोना की महामारी में 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज आया, हर मां को खाना पकाने का सिलेंडर मुफ्त में मिला हर, मां के खाते में ₹500 महीने आ रहे हैं,हर किसान के खाते में बीज खाद के लिए ₹2000 महीने आ रहे हैं,हर गरीब को बीमारी से डर नहीं लगती क्योंकि ₹5 लाख की आयुष्मान योजना का कार्ड उसके हाथ में है हर खेत में सिंचाई की पानी की बूंदे दिखाई पड़ रही है, हर घर को शुद्ध पानी मिल रहा है, हर गरीब के सिर पर पक्की छत है, इसी से भरोसा बनता है यह देश सही रास्ते पर चल रहा है और अपना मुकाम हासिल करके रहेगा। अब बड़ा सवाल मन में यह आता है कि यह सब पहले क्यों नहीं हुआ 70 सालों से यह देश वंचना,अभाव,पीड़ा,उत्पीड़न भेदभाव का पर्याय क्यों बना रहा; इसका उत्तर बहुत सीधा और सपाट है भगवान राम के रास्ते पर चलने वाला,गरीब की कोख से पैदा, आम आदमी की पीड़ा को समझने वाला नेतृत्व जब इस भारत भूमि पर जनता की आवाज बना, सत्ता की बागडोर उसके हाथ में आई तो भारत खड़ा होने लगा; एक गरीब की आवाज में भी ताकत आ गई, किसान भी बोलने लगा, मजदूर भी लड़ने लगा, युवाओं के चेहरे पर स्वाभिमान और स्वालंबन की चमक दिखाई पड़ने लगी और मां भारती भेदभाव रहित होकर लोक कल्याण की पताका लेकर निकल पड़ी है और मुझे भरोसा है वह तब तक नहीं रुकेगी जब तक हर एक भारतीय की आंखों में तैरते सपने को साकार नहीं कर लेंगी, आम लोगों के जीवन की पीड़ा को हर नहीं लेंगी और एक समर्थ भारत खड़ा नहीं कर लेंगी।  आज इस देश को मोदी पर भरोसा है और मोदी को इस देश की 136 करोड़ जनता पर, यही वह सूत्र है जिससे नया भारत खड़ा हो रहा है आत्मनिर्भर भारत उभर रहा है। 


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