*जरुरतमन्दो को राहत सामग्री, देश के हालत पर भी सक्रिय दिखती है कांग्रेसी महिला अध्यक्ष शैलजा सिंह*
रायबरेली , । कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष रायबरेली शैलजा सिंह देशभर में जारी किए गए लार्ड डाउन के दौरान जरूरतमंदों के बीच जहां अपने निजी संसाधनों से राहत सामग्री के साथ-साथ भोजन और मास्क देकर उन्हें सोशल डिस्टेंस का पालन करने की सलाह दे रही है तो वहीं पर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व और श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा भेजे गये राशन को भी गरीबों तक पहुंचाने में अपना भरसक प्रयास कर रही हैं ।
एक तरफ कांग्रेसी जिलाध्यक्ष शैलजा सिंह जहां गरीबों और जरूरतमंदों के बीच समाज सेवा की भावना से उन तक राशन और भोजन पहुंचाने में लगी हुई है तो दूसरी तरफ देश की राजनीति पर भी उनकी निगाह बनी हुई है उन्होंने साफ कहा कि केंद्र व राज्य सरकार जो प्रवासी श्रमिक बाहर से आ रहें हैं उन सभी के बैंक खातों में सरकार 10-10 हजार रुपये डाले। सरकार छोटे व्यापारियों को ऋण देने की बजाए उनकी पूरी तरह से मदद करे ।
उल्लेखनीय है कि लाॅकडाउन के दौरान कांग्रेसी नेत्री शैलजा सिंह द्वारा जरुरतमंदों की सेवा की गई है और यह सेवा भाव अभी भी निरंतर जारी है। उनके इस सेवा भाव को देखते हुए जनता द्वारा श्रीमती सिंह कि चारो ओर जमकर प्रशंसा की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे भाजपा सरकार से मांग करती हूं कि मनरेगा में मजदूरों का रोजगार सुनिश्चित किया जाये । जिससे गरीब मजदूरों को रोजी मिलने में आसानी हो। इस दौरान शैलजा सिंह ने वर्तमान सरकार को चेताते हुए कहा कि जो आपने सेवा करते हुए हमारे प्रदेश अध्यक्ष को फर्जी धाराओं में गिरफ्तार किया है उन्हें तुरंत रिहा कर दिया जाए अन्यथा पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी । बताते चलें कि लॉक डाउन में अपने जीवन की परवाह किए बिना कांग्रेस नेत्री शहर लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हर भूखे व्यक्ति तक भोजन पहुंचाने का प्रयास कर रही है साथ ही साथ मास्क और सैनिटाइजर देकर लोगों को सोशल डिस्टेंस के बारे में जागरूक करने में लगी हुई है। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज पूरा देश एक महामारी से जूझ रहा है जिसमें सभी को एक दूसरे की मदद करने की आवश्यकता है समाज में कोई व्यक्ति भूखा ना रह जाए इसके लिए सभी को एक दूसरे का सहयोग चाहिए ।
इसके साथ-साथ उन्होंने सरकार की भी जमकर आलोचना की उन्होंने कहा कि आज सरकार के हठीले पन के कारण प्रवासी मजदूर अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ अपने परिवार को लेकर सड़कों पर पैदल चल रहे हैं और इससे बड़ी शर्म की बात सरकार के लिए और क्या हो सकती है कि सरकार उनके पास तक संसाधन उपलब्ध नहीं करा पा रही है। ट्रेनों में आने वाले यात्रियों को सरकार भरपेट भोजन तक नहीं उपलब्ध करा पा रही है ।
आखिरकार सरकार ने जो राहत कोष का गठन कर उसमें करोड़ों की संपत्ति एकत्र की है वह क्या भाजपा पार्टी के विकास के लिए धन जमा किया जा रहा है । नहीं तो क्या कारण है कि कृषि प्रधान हिंदुस्तान देश में आज सड़कों पर लोग बीमारी से नहीं बल्कि बढ़ती भूख से मर रहे हैं।