गंगा नदी जल जीवों की तस्करी का अवैध कारोबार
रायबरेली , लालगंज वैसे तो गंगा नदी में जल जीवो के शिकार पर बराबर प्रतिबंध चल रहा है लेकिन लॉक डाउन के दौरान तो पूरी तरह से नाव भी चलाना गंगा में प्रतिबंधित है लेकिन इस दौरान गंगा नदी में जल जीवो की तस्करी का खेल रात के अंधेरे में जोरों पर चल रहा है ।
कछुआ मछली का शिकार धड़ल्ले से किया जा रहा है और जल जीवो की तस्करी करने वाले लोग भोर होते ही लोडर में मछली कछुआ लादकर कर अन्य प्रदेशों में भी भेजने का काम कर रहे हैं । यह कारोबार रायबरेली जिले में तेजी से फल-फूल रहा है ।
जल जीव गंगा को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं लेकिन ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के बजाय उन्हें पकड़ने के बाद छोड़ दिया जाता है । मामला लालगंज थाना क्षेत्र के कटरा जनेवा गांव का है । जहां गुरुवार सुबह एक दिव्यांग युवक ने डायल 112 पर कॉल करके शिकायत की कि एक लोडर में भारी मात्रा में छोटी-छोटी मछलियां लादकर कुछ लोग लेकर जा रहे हैं ।
सूचना पाते ही डायल 112 के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए और तत्काल लोडर में लदी करीब 5 कुंटल छोटी मछलियों समेत दो लोगों को हिरासत में ले लिया । जबकि गंगा में शिकार करने वाले लोग पुलिस को देखते ही भाग निकले । पुलिस ने दो तस्करों को मौके से पकड़ा लेकिन हद तो तब हो गई जब डायल 112 की टीम थाने लेकर पहुंची और वहां पर सुपुर्दगी में दे दिया और फिर वही हुआ जिसका अंदेशा था ।
जल जीवो के तस्करों और लालगंज पुलिस के बीच सांठगांठ हुई डायल 112 के चले जाने के बाद लालगंज पुलिस ने लोडर समेत तस्करों को छोड़ दिया और उसके बाद जो हुआ उसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे । शिकायतकर्ता दिव्यांग युवक को थाने पर तहरीर के लिए डायल 112 ले गई थी बाद में उसे ही काफी देर तक पुलिसकर्मियों ने बैठाए रखा बाद में उसे थाने से भगा दिया ।
अब ऐसे में आप समझ सकते हैं कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिव्यांगों का हौसला बढ़ा रहे हैं और शायद यही वजह है कि दिव्यांग युवक ने गंगा को स्वच्छ रखने के लिए अहम भूमिका निभाने वाले जल जीवो के शिकार को रोकने के लिए कदम बढ़ाया था लेकिन भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के चलते उल्टे उसे ही बेइज्जत होना पड़ा ।