महाराष्ट्र: गडकरी-भूपेंद्र यादव मुंबई रवाना, शिवसेना ने राष्ट्रपति शासन को बताया जनादेश का अपमान
महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर भाजपा-शिवसेना के बीच जारी रार थमने का नाम नहीं ले रहा। शिवसेना जहां 50-50 फार्मूले के तहत सरकार गठन को लेकर अडिग है वहीं भाजपा किसी भी कीमत पर मुख्यमंत्री पद छोड़ना नहीं चाहती। अब राज्य का राजनैतिक भविष्य तय करने में एनसीपी बड़ी भूमिका निभा सकती है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री भूपेंद्र यादव आज मुंबई दौरे पर
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और महाराष्ट्र चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव आज मुंबई जा रहे हैं। वे मुख्यमंत्री फडणवीस सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं से सरकार गठन को लेकर बातचीत भी करेंगे। माना जा रहा है कि दोनों नेता शिवसेना सुप्रीमों उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात कर सकते हैं। भूपेंद्र यादव दिल्ली से जबकि गडकरी नागपुर से मुंबई पहुंचेंगे।
महाराष्ट्र का अपमान जनता सहन नही करेगी: नवाब मलिक
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने ट्वीट करते हुए कहा कि महाराष्ट्र को भाजपा राष्ट्रपति शाषण की ओर ढकेल मोदी और शाह जी की जोड़ी के जरिये दिल्ली से महाराष्ट्र की सत्ता की बागडोर चलाना चाहती है। यह महाराष्ट्र का अपमान जनता सहन नही करेगी। दिल्ली के तख्त के आगे महाराष्ट्र नही झुकता यह इतिहास है। जय महाराष्ट्र।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और महाराष्ट्र चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव आज मुंबई जा रहे हैं। वे मुख्यमंत्री फडणवीस सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं से सरकार गठन को लेकर बातचीत भी करेंगे। माना जा रहा है कि दोनों नेता शिवसेना सुप्रीमों उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात कर सकते हैं। भूपेंद्र यादव दिल्ली से जबकि गडकरी नागपुर से मुंबई पहुंचेंगे।
महाराष्ट्र का अपमान जनता सहन नही करेगी: नवाब मलिक
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने ट्वीट करते हुए कहा कि महाराष्ट्र को भाजपा राष्ट्रपति शाषण की ओर ढकेल मोदी और शाह जी की जोड़ी के जरिये दिल्ली से महाराष्ट्र की सत्ता की बागडोर चलाना चाहती है। यह महाराष्ट्र का अपमान जनता सहन नही करेगी। दिल्ली के तख्त के आगे महाराष्ट्र नही झुकता यह इतिहास है। जय महाराष्ट्र।
संजय राउत ने बताया महाराष्ट्र के अस्मिता की लड़ाई
वहीं शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर भाजपा के पास संख्याबल है तो वह सरकार बनाने का दावा कर सकती है, लेकिन राज्य पर राष्ट्रपति शासन थोपना जनादेश का अपमान होगा। न्याय और अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी। न उद्धव ठाकरे झुके हैं और न ही शरद पवार। महाराष्ट्र की अस्मिता से कोई समझौता नहीं होगा।
संजय राउत ने गीता के संदेश पर आधारित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता का अंश ट्वीट करते हुए कहा- कोई दीनता नहीं चाहिए , चुनौतियों से भागना नहीं , बल्कि जूझना जरूरी है।
वहीं शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर भाजपा के पास संख्याबल है तो वह सरकार बनाने का दावा कर सकती है, लेकिन राज्य पर राष्ट्रपति शासन थोपना जनादेश का अपमान होगा। न्याय और अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी। न उद्धव ठाकरे झुके हैं और न ही शरद पवार। महाराष्ट्र की अस्मिता से कोई समझौता नहीं होगा।
संजय राउत ने गीता के संदेश पर आधारित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता का अंश ट्वीट करते हुए कहा- कोई दीनता नहीं चाहिए , चुनौतियों से भागना नहीं , बल्कि जूझना जरूरी है।