अयोध्या: फैसले की आशंकाओं के बीच न चिंता न संशय, भक्ति में लीन नजर आ रही रामनगरी
रामनगरी अयोध्या रामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद में आने वाले फैसले की आशंकाओं के बीच चिंता, संशय में नहीं बल्कि भक्ति में लीन नजर आ रही है। अयोध्या का माहौल धार्मिकता लिए हुए है रामधुन व भजनों से अयोध्या गुंजायमान हो रही है।
कार्तिक परिक्रमा/पूर्णिमा मेले में पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं से साफ है कि आस्था एवं भक्ति के आगे समस्त दुश्वारियां बौनी साबित हो रही हैं। तमाम विपरीत संभावनाओं को दरकिनार कर लाखों श्रद्धालुओं ने चौदहकोसी परिक्रमा पूरी कर पंचकोसी परिक्रमा की तैयारी शुरू कर दी है। पंचकोसी परिक्रमा बृहस्पतिवार को सुबह 9:47 बजे से प्रारंभ होगी।
अयोध्या फैसले को लेकर तमाम विपरीत आशंकाओं को चौदहकोसी परिक्रमा मेले में उमड़े लाखों भक्तों ने निर्मूल साबित कर दिया। आशंकाओं के ठीक विपरीत रामनगरी में आस्था एवं श्रद्धा का सागर हिलोरे लेते नजर आया। चौदहकोसी परिक्रमा पूरी कर करीब 15 लाख श्रद्धालुओं ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई और मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
रामलला, हनुमानगढ़ी, कनक भवन से लेकर दशरथ महल बड़ास्थान, मणिरामदास की छावनी, श्रीरामबल्लभाकुंज सहित अन्य मंदिर भक्तों से गुलजार हैं तो अयोध्या का धार्मिक वैभव भी फलक पर नजर आ रहा है। परिक्रमार्थियों में इस बार परिक्रमा को लेकर दोगुना उत्साह है वे कहते हैं हमारे रामलला की रिहाई का दिन अब नजदीक है, यह परिक्रमा निर्णय को समर्पित है। पंचकोसी परिक्रमा में बाहरी श्रद्धालुओं सहित स्थानीय लोग भी शिरकत करने की तैयारी में हैं।
गोंडा निवासी रामचरण शुक्ला कहते हैं कि राम ही हमारे आराध्य हैं, कैसा संशय, कैसा डर, जब राम की कृपा होगी तब सभी विपरीत धाराएं भी अनुकूल हो जाती हैं। शरद पाठक बाबा पंचकोसी परिक्रमा करने की तैयारी में हैं, कहते हैं कि जब रामलला का मंदिर बनेगा तो रामनगरी की परिक्रमा और भी गौरवपूर्ण हो जाएगी।
इसी तरह कानपुर के अखिल दुबे, बस्ती के मंगल पांडेय, गोरखपुर के अजय चतुर्वेदी भी राममंदिर के हक में फैसला आने की उम्मीदों से उत्साहित हैं कहते हैं कि अयोध्या तो धार्मिकता में मग्न है कौन कहता है कि यहां किसी तरह की तल्खी और तनाव है।
रामलला, हनुमानगढ़ी, कनक भवन से लेकर दशरथ महल बड़ास्थान, मणिरामदास की छावनी, श्रीरामबल्लभाकुंज सहित अन्य मंदिर भक्तों से गुलजार हैं तो अयोध्या का धार्मिक वैभव भी फलक पर नजर आ रहा है। परिक्रमार्थियों में इस बार परिक्रमा को लेकर दोगुना उत्साह है वे कहते हैं हमारे रामलला की रिहाई का दिन अब नजदीक है, यह परिक्रमा निर्णय को समर्पित है। पंचकोसी परिक्रमा में बाहरी श्रद्धालुओं सहित स्थानीय लोग भी शिरकत करने की तैयारी में हैं।
गोंडा निवासी रामचरण शुक्ला कहते हैं कि राम ही हमारे आराध्य हैं, कैसा संशय, कैसा डर, जब राम की कृपा होगी तब सभी विपरीत धाराएं भी अनुकूल हो जाती हैं। शरद पाठक बाबा पंचकोसी परिक्रमा करने की तैयारी में हैं, कहते हैं कि जब रामलला का मंदिर बनेगा तो रामनगरी की परिक्रमा और भी गौरवपूर्ण हो जाएगी।
इसी तरह कानपुर के अखिल दुबे, बस्ती के मंगल पांडेय, गोरखपुर के अजय चतुर्वेदी भी राममंदिर के हक में फैसला आने की उम्मीदों से उत्साहित हैं कहते हैं कि अयोध्या तो धार्मिकता में मग्न है कौन कहता है कि यहां किसी तरह की तल्खी और तनाव है।
28855 श्रद्धालुओं ने टेका रामलला के दरबार में माथा
रामलला के दरबार में बुधवार को 28855 श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। दीपोत्सव के बाद बुधवार को रामलला के दरबार में माथा टेकने के लिए श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी। मंगलवार को भी करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने रामजन्मभूमि में दर्शन-पूजन किया था। इससे साबित होता है कि अयोध्या भक्ति एवं श्रद्धाभाव में डूबी हुई है।
बुधवार को पहली पाली में जहां 9285 लेगों ने रामलला का दर्शन किया और दूसरी पाली में श्रद्धालुओं की संख्या दो गुना हो गई। दूसरी पाली में 19570 श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में श्रद्धा अर्पित की।
बुधवार को पहली पाली में जहां 9285 लेगों ने रामलला का दर्शन किया और दूसरी पाली में श्रद्धालुओं की संख्या दो गुना हो गई। दूसरी पाली में 19570 श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में श्रद्धा अर्पित की।