विभिन्न विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्री बनाने वाले 6 जालसाज गिरफ्ताकर
लखनऊ। हसनगंज पुलिस और एसपी ट्रांस गोमती की स्वाट ने मिलकर बुधवार को एक ऐसे गिरोह को गिरफ्तार किया है जो विभिन्न विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्री और फर्जी स्टाम्प पेपर्स बना कर लोगों को बेचने का काम करते थे। पुलिस ने बताया पकड़े गये जालसाज अभी तक लोगों को लाखों का चुना लगा चुके हैं। मंगलवार को एक पीड़ित की तहरीर पर मुदकमा दर्ज कर इस गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ है। पकड़े गये सभी जालसाजों को जेल रवाना किया गया है।
एसपी ट्रांस गोमती अमित कुमार ने बताया, कि जानकीपुरम् सेक्टर-H निवासी सौरभ यादव ने मंगलवार को हसनगंज थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी,कि खदरा दीनदयाल पुरम् सीतापुररोड निवासी मधुरेन्द्र पान्डेय डेढ़ लाख रुपये लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय की बी.ए.की फर्जी डिग्री उनको दी है। सीओ महानगर संतोष कुमार सिंह ने बताया,कि पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर हसनगंज पुलिस और एसपीटीजी की स्वाट टीम की पड़ताल में 6 जालसाज गिरफ्तार किये गये। इंस्पेक्टर हसनगंज धीरेन्द्र कुमार शुक्ल ने बताया कि जालसाजों ने पूंछतांछ में खिरोधन प्रसाद उर्फ गंगेश निवासी कल्यणपुर थाना गुडंबा, रविन्द्र प्रताप सिंह निवासी महमूदाबाद सीतापुर, दीवान सिंह निवासी अमेठी,हाल पता सेक्टर-12 इंदिरानगर, दीपक तिवारी उर्फ दीपू निवासी कृष्ण लोक कालोनी फजुल्लागंज मड़़ियांव, नायाब हुसैन निवासी मछली फाटक ठाकुरगंज और मधुरेन्द्र पान्डेय निवासी दीनदयाल पुरम् खदरा सीतापुरोड के रुप परिचय दिये।
इंस्पेक्टर हसनगंज धीरेंद्र कुमार शुक्ल ने बताया, कि जालसाज लखनऊ विश्वविद्यालय, कानपुर विश्वविद्यालय,दिल्ली विश्वविद्यालय और अवध विश्वविद्यालय की फर्जी मार्कशीट व फर्जी डिग्री बना कर लोगों को डेढ़ लाख में बेचते थे। इसके अलावा फर्जी स्टाम्प पेपर भी बनाने का काम करते थे। जालसाज यह गोरखधंधा करीब आठ सालों से कर रहे थे। लोगों को असली डिग्री बता कर नकली डिग्री देते थे। अभी तक तीन सौ से ज्यादा फर्जी डिग्री बना कर बेच चुके हैं। जालसाज खिरोधन उर्फ गंगेश एक नामी विश्वविद्यालय में संविदा पर बाबू है। जबकि रविन्द्र प्रताप सिंह सीतापुर में एक इण्डर कालेज का प्रिसिंपल है और नायाब हुसैन एक विश्वविद्यालय का सस्पेंड फोर्थक्लास कर्मचारी है। ये सभी जालसाज लोगों को फसा कर मधुरेन्द्र पान्डेय के घर में बने आफिस में लाते थे। यही से लोगों को डिग्री मिलती थी। आफिस से फर्जी 14 मार्कशीट,6 ब्लूबलेशन,2 सादा लिफाफा कण्ट्रोलर आफ इग्जामिनेशन,2 सादा परीक्षा नियंत्रक का लेटर पैड,2 सादा मार्कशीट छाया मोनोग्राम, लखनऊ विश्वविद्यालय,1 लैपटॉप डेल कम्पनी, सर्वशील मोहर,8 मोबाइल विभिन्न कम्पनियों के,1 मोटरसाइकिल होण्डा स्पेलेण्डर,1 स्कूटी और 76 सौ रुपये नगद बरामद हुए हैं।